डॉक्टर से मुलाक़ात के लिए नोट्स तैयार करना
डॉक्टर या क्लिनिक में मुलाक़ात के लिए छोटे, उपयोगी नोट्स बनाएँ: महसूस हुए बदलाव, ज़रूरी तारीख़ें और वे सवाल जिनके जवाब आप चाहती हैं।
घर पर कोई बात साफ़-साफ़ याद हो सकती है, लेकिन डॉक्टर से मुलाक़ात शुरू होते ही उसे कहने के शब्द नहीं मिलते। ऐसा होने पर छोटा-सा नोट आपको बात फिर से याद दिला सकता है। उसे डॉक्टरी भाषा में लिखना ज़रूरी नहीं है, और न ही उसमें अब तक की आपकी हर एंट्री होनी चाहिए।
मकसद यह बताने में आपकी मदद करना है कि क्या हो रहा है और किस बात में आपको मदद चाहिए। मदद माँगने से पहले यह पता लगाना आपकी ज़िम्मेदारी नहीं है कि आपको कौन-सी बीमारी है। जिस वजह को लेकर आप ख़ुद पक्की नहीं हैं, उसे पूरे यक़ीन के साथ विस्तार से बताने के बजाय कुछ तारीख़ों और अपने अनुभव से बात शुरू करना बेहतर हो सकता है।
सबसे पहले मुलाक़ात की वजह लिखें
एक वाक्य लिखें जो आप शुरुआत में कह सकें। जैसे: “मेरी माहवारी में बदलाव आया है, और मैं समझना चाहती हूँ कि किन बातों की जाँच होनी चाहिए।” या: “ये सिरदर्द काम में बाधा डाल रहे हैं, और मैं इनके लिए मदद चाहती हूँ।”
फिर वह परेशानी चुनें जिसके बारे में आप सबसे ज़्यादा बात करना चाहती हैं। कई परेशानियाँ हों तो उनकी सूची बनाएँ और सबसे ज़रूरी बात ऊपर लिखें। यह सिर्फ़ नोट्स को क्रम में रखने का तरीका है; इसका मतलब यह नहीं कि आपके बाकी अनुभव मायने नहीं रखते।
आप अनिश्चितता भी बता सकती हैं: “मुझे नहीं पता कि इसका संबंध मेरे मासिक चक्र से है या नहीं।” इससे डॉक्टर के लिए दूसरी संभावित वजहों के बारे में पूछने की गुंजाइश रहती है।
तारीख़वार विवरण बनाएँ जिसे एक नज़र में पढ़ सकें
कुछ ऐसी तारीख़ें चुनें जो बदलाव को समझाती हों। हर तारीख़ के साथ लिखें कि क्या हुआ और तारीख़ सटीक है या अनुमानित। MedlinePlus यह बताने का सुझाव देता है कि लक्षण कहाँ होते हैं, कब शुरू हुए और कैसे बदले हैं। डॉक्टर से मुलाक़ात का पूरा लाभ लेने पर इसकी मार्गदर्शिका देखें।
एक काल्पनिक तारीख़वार विवरण ऐसा हो सकता है:
- मार्च की शुरुआत, अनुमानित: जहाँ तक याद है, सिरदर्द ने पहली बार तब परेशान करना शुरू किया था।
- 18 मार्च: दोपहर में सिरदर्द; जल्दी घर चली गई।
- 25 मार्च: फिर सिरदर्द हुआ, लेकिन समय दर्ज नहीं किया।
- 2 अप्रैल: माहवारी शुरू हुई; उसी शाम सटीक तारीख़ दर्ज की।
यह बताता है कि आपको क्या पता है, बिना यह दावा किए कि सिरदर्द और माहवारी का संबंध है। 25 मार्च का जो समय दर्ज नहीं हुआ था, वह छूटा हुआ ही रहता है। विवरण पूरा दिखाने के लिए कोई बात गढ़ने की ज़रूरत नहीं है।
अगर बहुत-सी एंट्री हैं, तो छोटा तारीख़वार विवरण पहले रखें और पूरा रिकॉर्ड भी उपलब्ध रखें। इससे बातचीत की शुरुआत हो सकती है और वे विवरण भी बने रहते हैं जिनके बारे में आपसे पूछा जा सकता है।
बताएँ कि आपके दिन पर क्या असर पड़ा
शायद “तेज़ ऐंठन” कहना याद रखना सबसे आसान हो। हो सके तो यह जोड़ें कि उससे आपके दिन पर क्या असर पड़ा: आपको बैठक छोड़नी पड़ी, सैर पूरी नहीं कर सकीं या रात में नींद खुल गई।
ये बात कहने के उदाहरण हैं, लक्षण गंभीर होने का सबूत देने की सूची नहीं। वही बातें चुनें जो आपके अनुभव में सच हैं। “मैं काम करती रही, लेकिन ध्यान लगाने में मुश्किल हुई” भी जानकारी है।
जो हुआ, उसे उसके कारण की व्याख्या से अलग रखें। “दोपहर के खाने के बाद सिरदर्द हुआ” एक विवरण है। “दोपहर के खाने से सिरदर्द हुआ” एक निष्कर्ष है जो सिर्फ़ समय के मेल से साबित नहीं होता। अगर आपको कोई संभावित संबंध दिखा है, तो उसे ऐसी बात के रूप में लिखें जिसके बारे में आप पूछना चाहती हैं।
वे विवरण साथ लाएँ जिन्हें भूलना आसान है
दवाओं, विटामिन और सप्लीमेंट की सूची तैयार करें, साथ में एलर्जी और सेहत से जुड़ी पिछली प्रासंगिक जानकारी भी लिखें। बिना पर्चे के मिलने वाले उत्पाद भी शामिल करें। MedlinePlus इन्हें साथ लाने लायक उपयोगी जानकारी बताता है, खासकर अगर आप लक्षणों या संभावित दुष्प्रभावों पर बात करना चाहती हैं। Make the most of your doctor visit।
“छोटी सफ़ेद गोली” जैसे विवरण पर निर्भर रहने के बजाय पैकेट से नाम उतारें। दवा की खुराक या उसे कब शुरू किया था, यह पक्का पता न हो तो यही लिख दें। अनुमान लगाने के बजाय आप पैकेट साथ ला सकती हैं या अपने फ़ार्मासिस्ट से जानकारी जाँच सकती हैं।
यह सूची लक्षणों के तारीख़वार विवरण से अलग रखें, ताकि दोनों में से कोई भी जल्दी मिल सके। नोट्स के एक ही पेज पर अलग-अलग बातें लिख सकती हैं; सब कुछ एक लंबे पैराग्राफ़ में लिखना ज़रूरी नहीं है।
ऐसे सवाल लिखें जो आपके काम आएँ
मुलाक़ात की वजह से जुड़े कुछ सवाल चुनें। उदाहरण के लिए:
- इस बदलाव का आकलन करने में कौन-सी जानकारी आपकी मदद करेगी?
- हमें किन विकल्पों पर बात करनी चाहिए, और उनके नुकसान क्या हैं?
- अगर हम कोई उपचार आज़माएँ, तो मुझे किस बदलाव पर ध्यान देना चाहिए?
- अगली मुलाक़ात से पहले स्थिति बदल जाए, तो मुझे सलाह कैसे लेनी चाहिए?
NHS अपने मुख्य सवाल तैयार करने और उपचार के विकल्पों, जोखिमों तथा आगे की मुलाक़ात के बारे में पूछने की सलाह देता है। इसकी मुलाक़ात की मार्गदर्शिका में और उदाहरण हैं।
सवालों के पास जवाब लिखने के लिए जगह छोड़ें। अगर बातचीत तेज़ी से आगे बढ़े या आपका ध्यान भटक जाए, तो पहले से लिखे सवाल पर लौटना आसान होता है।
बातचीत में मदद माँगें
अगर आप बातें याद रखने या नोट्स लेने में मदद चाहती हैं, तो किसी भरोसेमंद व्यक्ति को साथ आने के लिए कह सकती हैं। दुभाषिए की ज़रूरत हो, तो मुलाक़ात से पहले संबंधित स्वास्थ्य सेवा से संपर्क करें। मुलाक़ात के दौरान अनजान शब्दों का मतलब समझाने और उपयोगी होने पर निर्देश लिखकर देने के लिए कहें। ये सुझाव MedlinePlus की बातचीत संबंधी मार्गदर्शिका में दिए गए हैं।
तय करें कि आप साथ आए व्यक्ति से क्या मदद चाहती हैं। हो सकता है आप चाहें कि वह आपकी जगह आपकी बात बताने के बजाय, आपके बोलते समय जवाब लिखे। उनकी प्रति के ऊपर आप लिख सकती हैं, “कृपया अगले कदम याद रखने में मेरी मदद करें।”
आपकी मदद करने वाले व्यक्ति के साथ अपना पूरा निजी रिकॉर्ड साझा करना ज़रूरी नहीं है। नोट्स की ऐसी प्रति तैयार करें जिसे आप उन्हें दिखाना चाहती हैं।
किसी जाँच पर बात हो, तो निर्देश दर्ज करें
जाँच के निर्देश अलग से लिखें। जाँच का नाम, वह कहाँ होगी और सेवा की ओर से बताई गई तैयारी लिखें। अलग-अलग जाँचों की ज़रूरतें अलग होती हैं; कुछ में कोई खास तैयारी नहीं चाहिए होती।
यह न मानें कि आपको खाली पेट रहना है या दवा रोकनी है, सिर्फ़ इसलिए कि पिछली जाँच के लिए ऐसा किया था। जो निर्देश समझ न आएँ, उनके बारे में पूछें, और स्वास्थ्य विशेषज्ञ के कहे बिना दवा बंद न करें। अगर आप किसी निर्देश का पालन नहीं कर सकीं, तो जाँच करने वाली सेवा को बताएँ। MedlinePlus जाँच की तैयारी समझाता है।
लिख लें कि नतीजे कौन समझाएगा। पोर्टल पर नतीजा दिख जाना और आगे क्या होगा, इस बारे में बातचीत हो जाना एक ही बात नहीं है।
जाने से पहले अगला कदम समझ लें
मुलाक़ात ख़त्म होने से पहले योजना अपने शब्दों में दोहराकर जाँच लें। आप कह सकती हैं: “मैं जाँच बुक करूँगी, और आपकी टीम नतीजे के बारे में मुझसे संपर्क करेगी। अगर कोई ख़बर न मिले, तो मुझे किसे फ़ोन करना चाहिए?”
पूछें कि नतीजे कब तक आने की उम्मीद है, देरी होने पर किससे संपर्क करें और अगली मुलाक़ात कब ज़रूरी है। NHS की मुलाक़ात की मार्गदर्शिका जाने से पहले इन व्यावहारिक बातों को जाँच लेने की सलाह देती है।
मुलाक़ात के बाद, जब बातें अभी अच्छी तरह याद हों, तभी तय हुई योजना नोट्स में जोड़ लें। अपने मूल सवाल भी रखें; उनसे याद रखने में मदद मिल सकती है कि किन बातों का जवाब अभी बाक़ी है।
आपके नोट्स अधूरे भी हो सकते हैं
Veya में डॉक्टर के लिए सारांश (PDF) देने की योजना है, ताकि आप दर्ज की गई जानकारी साझा कर सकें। यह अभी उपलब्ध नहीं है, और मुलाक़ात की तैयारी करने के लिए आपको इसका इंतज़ार करने की ज़रूरत नहीं है।
नोटबुक का एक पेज या फ़ोन में छोटा-सा नोट आज भी यह काम कर सकता है। जो आपके पास है, वह ले जाएँ, बताएँ कि कहाँ जानकारी छूटी है, और बातचीत के लिए गुंजाइश छोड़ें।
स्रोत
ये स्रोत अंग्रेज़ी में हैं।
- Talking With Your Doctor, MedlinePlus
- Make the most of your doctor visit, MedlinePlus
- What to ask your doctor or other healthcare professional, NHS
- How to Prepare for a Lab Test, MedlinePlus